Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में दवा से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ फायदेमंद हो सकता है लहसà¥à¤¨, इन बीमारियों से मिलेगी राहत
लहसà¥à¤¨ को शहद में मिलाकर à¤à¥€ खाया जा सकता है.
How to Consume Garlic In Winter: सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के मौसम में कमजोर इमà¥à¤¯à¥‚निटी वाले लोगों को हेलà¥à¤¥ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है. à¤à¤¸à¥‡ लोग बहà¥à¤¤ जलà¥à¤¦à¥€ सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम, खांसी और बà¥à¤–ार की चपेट में आ जाते हैं. सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में इस तरह की बीमारियों से बचने के लिठअकà¥à¤¸à¤° लहसà¥à¤¨ खाने की सलाह दी जाती है. माना जाता है कि लहसà¥à¤¨ खाने से शरीर गरà¥à¤® रहता है और फà¥à¤²à¥‚ से बचाव होता है. लोग अलग-अलग तरीकों से लहसà¥à¤¨ का सेवन करते हैं. कोई सबà¥à¤œà¥€ में डालकर लहसà¥à¤¨ खाता है, तो कोई चटनी बनाकर उसका लà¥à¤¤à¥à¤« उठाता है. अब सवाल उठता है कि कà¥à¤¯à¤¾ वाकई सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ लहसà¥à¤¨ खाना फायदेमंद है? इससे जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ सà¤à¥€ सवालों को जवाब आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ से जान लेते हैं.
आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में कà¥à¤¯à¤¾ है लहसà¥à¤¨ का महतà¥à¤µ?
यूपी के अलीगढ़ आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• मेडिकल कॉलेज की असोसिà¤à¤Ÿ पà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¸à¤° डॉ. सरोज गौतम कहती हैं कि आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में लहसà¥à¤¨ को रसोन कहा जाता है. यह सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठबेहद लाà¤à¤•ारी हो सकता है और इसमें कई औषधीय गà¥à¤£ होते हैं. आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में 6 रस होते हैं- मधà¥à¤°, अमà¥à¤², लवण, कटà¥, तिकà¥à¤¤ और कसाय रस. लहसà¥à¤¨ में अमà¥à¤² रस के अलावा बाकी सà¤à¥€ 5 रस होते हैं, जो इसे हेलà¥à¤¥ के लिठवरदान बनाते हैं. ये सà¤à¥€ रस बीमारियों से बचाने में मददगार होते हैं. लहसà¥à¤¨ की तासीर गरà¥à¤® होती है और यही वजह है कि इसे सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खाया जाता है. लहसà¥à¤¨ का सेवन हर मौसम में करना चाहिà¤. गरà¥à¤®à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में इसे कम मातà¥à¤°à¤¾ में खाà¤à¤‚.
सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में लहसà¥à¤¨ खाने के फायदे
आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• लहसà¥à¤¨ की तासीर गरà¥à¤® होती है, जो शरीर में पहà¥à¤‚चकर सरà¥à¤¦à¥€, जà¥à¤•ाम, खांसी और बà¥à¤–ार से बचाव करती है. दमा के मरीजों के लिठलहसà¥à¤¨ खाना बेहद फायदेमंद हो सकता है. लहसà¥à¤¨ खाने से लिपिड की मातà¥à¤°à¤¾ कम होती है. हारà¥à¤Ÿ हेलà¥à¤¥ के लिठà¤à¥€ यह अचà¥à¤›à¤¾ माना जाता है. लहसà¥à¤¨ से डायबिटीज और मोटापा कंटà¥à¤°à¥‹à¤² होता है. यह जॉइंट पेन कम करता है. डà¥à¤°à¤¾à¤ˆ सà¥à¤•िन, डैंडà¥à¤°à¤« और बाल टूटने की समसà¥à¤¯à¤¾ से बचने के लिठलहसà¥à¤¨ का तेल लाà¤à¤•ारी होता है. सबसे बड़ी बात यह है कि लहसà¥à¤¨ इमà¥à¤¯à¥‚निटी को मजबूत करता है, जो सबसे बड़ा फायदा है.
कैसे खाना चाहिठलहसà¥à¤¨?
डॉ. सरोज गौतम कहती हैं कि लहसà¥à¤¨ को रोज सà¥à¤¬à¤¹-सà¥à¤¬à¤¹ खाली पेट खाना चाहिà¤. कचà¥à¤šà¤¾ लहसà¥à¤¨ खाना जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ फायदेमंद होता है, लेकिन अगर आप à¤à¤¸à¤¾ नहीं कर पा रहे, तो लहसà¥à¤¨ को शहद में मिलाकर सेवन कर सकते हैं. लहसà¥à¤¨ की 3-4 कलियां लेकर उसे बारीक काटें और शहर में मिलाकर खाà¤à¤‚. इसके बाद à¤à¤• गà¥à¤²à¤¾à¤¸ गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¤¾ पानी पी लें. लहसà¥à¤¨ की चटनी बनाकर à¤à¥€ खाई जा सकती है. लहसà¥à¤¨ की चटनी खाने से कबà¥à¤œ खतà¥à¤® होती है. à¤à¥‚ख बढ़ती है और डाइजेशन à¤à¥€ बेहतर होता है. तिल के तेल, नारियल के तेल या सरसों के तेल में लहसà¥à¤¨ को à¤à¥‚नकर इस ऑयल का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें तो दाद खतà¥à¤® हो जाà¤à¤—ा.
à¤à¤¸à¥‡ लोगों को नहीं खाना चाहिठलहसà¥à¤¨
डॉकà¥à¤Ÿà¤° के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की समसà¥à¤¯à¤¾ से जूठरहे लोगों को लहसà¥à¤¨ का सेवन नहीं करना चाहिà¤. à¤à¤¸à¤¾ करने से बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बढ़ सकता है. इसके अलावा हारà¥à¤Ÿ बरà¥à¤¨ और पेट में जलन हो रही हो, तब लहसà¥à¤¨ नहीं खाना चाहिà¤. इसके अलावा सà¤à¥€ लोग इसका सेवन कर सकते हैं.
| --------------------------- | --------------------------- |